सृष्टि है वो अपनेआप मे

सृष्टि है वो अपनेआप मे घटाओं जैसे बालों से घिरी हुई बर्फ जैसी रंगत है, सीप जैसी पलकों में नीलम जैसी आँखें हैं, गुलाब जैसे होठों में मोती जैसे दांत, फूलों जैसे गाल हैं और कमल जैसे अंग, बच्चों जैसी हँसी और लहरों जैसी अदाएं, प्यार से भी प्यारी है वो !! Approximate translation: She is creation in … Continue reading सृष्टि है वो अपनेआप मे

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अगर हम सपने न देखते

ज़िन्दगी बहुत आसान होती अगर हम सपने न देखते .. पर ज़िन्दगी भी क्या ज़िन्दगी होती अगर हम सपने न देखते .. छोटी छोटी बातों पर खुश होते अगर हम सपने न देखते .. पर बड़ी बड़ी खुशियाँ कैसे देते अगर हम सपने न देखते .. इतनी ठोकरें न खानी पड़ती अगर हम सपने न … Continue reading अगर हम सपने न देखते

परीक्षा की तैयारी

पढ़ने को है बहुत कुछ, पर समझ मे आता कुछ नही । करने को है बहुत कुछ, पर दिल चाहता कुछ भी नही ॥ शरीर की थकान सुलाती है, दिमाग की किताब रुलाती है । गणित करो तो दिल घबराता, विज्ञान तो दिमाग भी साथ ले जाता । परीक्षा तो है मेरे सर पर, इसलिए … Continue reading परीक्षा की तैयारी

पिया

मीरा जी भजन गाते हुए वन-विहार कर रही हैं, सावन ॠतु मे बरखा बरस रही होती है और वन मे मोर नाच रहे होते हैं. मीरा भई थी बावरी, जो तेरा रंग भाया था मोर भए बनवारी, जो तेरा रंग अपनाया था देख मेघ वो श्यामल, था मेरा मन वो नाचा तुझ संग प्रीत लगाई … Continue reading पिया

मै भी एक कविता लिखना चाहता हूँ

मै भी एक कविता लिखना चाहता हूँ सुंदर सजीली पंक्तियाँ एक माला मे पिरो कर रखना चाहता हूँ मै भी एक कविता लिखना चाहता हूँ प्यारे शब्द और मीठे बोल सबसे बोलना चाहता हूँ कोई दो शब्द तारीफ़ मे कहे वो लफ़्ज़ मै सुनना चाहता हूँ मै भी एक कविता लिखना चाहता हूँ चाहे किसी … Continue reading मै भी एक कविता लिखना चाहता हूँ