सृष्टि है वो अपनेआप मे

सृष्टि है वो अपनेआप मे घटाओं जैसे बालों से घिरी हुई बर्फ जैसी रंगत है, सीप जैसी पलकों में नीलम जैसी आँखें हैं, गुलाब जैसे होठों में मोती जैसे दांत, फूलों जैसे गाल हैं और कमल जैसे अंग, बच्चों जैसी हँसी और लहरों जैसी अदाएं, प्यार से भी प्यारी है वो !! Approximate translation: She is creation in … Continue reading सृष्टि है वो अपनेआप मे

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